इज़हार मोहब्बत का कुछ ऐसे हुआ,
क्या कहें की प्यार कैसे हुआ,
उनकी एक झलक पे निसार हुए हम,
सादगी पे मर-मिटे और आँखो से इक़रार हुआ!

Click to copy

जीवन में एक बार सभी ने किया है प्यार,
कुछ ने डर कर कुछ ने जोश में किया इज़हार,
मगर बिना बोले जब दो दिल कह जायें दिल की बात,
वही है नज़र का नज़र से सच्चा इक़रार!

Click to copy

तेरे दीदार की तलब रखता था,
तुझसे प्यार की चाहत रखता था,
तुझसे इज़हार की भी सदा रखता था,
रख ना पाया तो सिर्फ़ इज़हार-ए-जुनून!

Click to copy

तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे,
मेरे प्यार की तकदीर में मुस्कान लिख दे,
ना मिले जिंदगी में कभी भी दर्द उसको,
चाहे उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे।

Click to copy

साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर,
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर,
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में,
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर।

Click to copy

सच कहूँ तो मुझे एहसान बुरा लगता है,
जुल्म सहता हुआ इंसान बुरा लगता है,
कितनी मसरुक हो गयी है ये दुनिया,
एक दिन ठहरे तो मेहमान बुरा लगता है।

Click to copy

मुझे आसमानो में उड़ने का शोक हैं,
परिंदो के बीच खेलने का शोक हैं,
अगर मुझे जानना हो तो जरा दूर से ही जानना,
मैं परवाना हूँ, मुझे आग में जलने का शोक हैं|

Click to copy

वो ख़्वाब ही क्या जिसे पूरा ना कर सके,
वो मंजिल ही क्या जिसे हासिल ना करे सके,
वो बेगुनाही ही क्या जिसे साबित ना करे सके,
और वो मोहब्बत ही क्या जिसके काबिल ना बन सके!

Click to copy