चाँद की चांदनी में एक पालकी बनाई है
और ये पालकी हमने बड़े प्यार से सजाई है
दुआ है ए हवा तुझसे, ज़रा धीरे चलना
मेरे यार को बड़ी प्यारी नींद आई है!!
((शुभ रात्रि))

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हम आपको कभी खोने नहीं देंगे
जुदा होना चाहो तो भी होने नहीं देंगे
चांदनी रातों में जब आएगी मेरी याद
मेरी याद के वो पल आपको सोने नहीं देंगे!!
((शुभ रात्रि))

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हो चुकी रात अब सो भी जाइए
जो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइए
कर रहा होगा कोई इंतज़ार आपका
ख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये!!
((शुभ रात्रि))

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अगर मै हद से गुज़र जाऊ तो मुझे माफ़ करना
तेरे दिल में उतर जाऊ तो मुझे माफ़ करना
रात में तुझे देख के तेरे दीदार के खातिर
पल भर जो ठहर जाऊ तो मुझे माफ़ करना!!
((शुभ रात्रि))

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ऐ पलक तु बन्‍द हो जा
ख्‍बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी
इन्‍तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी
कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी!!
((शुभ रात्रि))

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दिल की किताब में गुलाब उनका था
रात की नींद में ख्वाब उनका था
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा
मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था!!
((शुभ रात्रि))

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मुझे रुला कर सोना
तो तेरी आदत बन गई है
जिस दिन मेरी आँख ना खुली
तुझे निंद से नफरत हो जायेगी!!
((शुभ रात्रि))

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कितनी जल्दी से मुलाक़ात गुजर जाती है
प्यास बुझती नहीं बरसात गुजर जाती है
अपनी यादों से कहो की यूँ ना सताया करे
नींद आती नहीं और रात गुजर जाती है!!
((शुभ रात्रि))

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